चलो तो सही

“चलो तो सही” – RhYmOpeDia

चलो तुम्हारी आँखों में अपना शहर बसाते हैं,
चलो तुम्हारी हसीं से अपना जहाँ रोशन करते हैं,
चलो तुम्हारी आवाज़ को अपना संगीत बनाते हैं,
चलो तुम्हारी चाल को अपनी चाल बनाते हैं,
चलो तुम्हारे हाथों को थाम कर दूर तक का सफर करते हैं,
चलो तुम्हारे बातों के साथ सुबह-शाम करते हैं,
चलो तुम्हारे खामोशियों से बात करते हैं,
चलो तुम्हारे मासूमियत से इश्क फरमाते हैं,
चलो तुम्हारे खुशबू को इत्र बना इस्तेमाल करते हैं
चलो तुम्हारे झलक के साथ रोज़ा खत्म करते हैं,
चलो तुम्हारे साथ होली-‌ दीवाली मनाते हैं,
चलो तुम्हें अपनी ज़िन्दगी बनाते हैं,
चलो तो सही तुम्हारे साथ जिंदगी बिताते हैं।

तुम दूर तक साथ तो चलोगी ना?
मुझे गिरते हुए सम्हाल तो लोगी ना?
मेरा साथ तो दोगी ना?
मेरे गलतियों को थोड़ा माफ़ तो कर दोगी ना?
तुम खुद से रूबरू होने दोगी ना?
मुझे अपना जिंदगी तो बनाओगी ना?
तो फिर चलो हम साथ जिंदगी बिताते है।


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imkeshavsawarn |unknown

© 2019 RhYmOpeDia


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याद तो है ना

प्यार से थोड़ा कम ही सही,
पर प्यार तो है ना।
दोस्त से थोड़ा ज्यादा मानता हूं तुम्हें,
कुछ बात तो है ना।
तुझे, कुछ पता नहीं,
पर तेरी हर बात मुझे याद तो है ना।
मैं सुखा हुआ जमीन की तरह हूं, मानता हूं
तु उसको भींगोने वाली बरसात तो है ना,
तु उसको भींगोने वाली बरसात तो है ना।।

अब तो ये दिल किसी का होता भी तो नहीं है,
किसी और के ख्वाब में सोता भी तो नहीं है,
तेरी ही बातों में उलझा-सा रहता है,
मेरी तो अब सुनता भी नहीं है,
रख लो ना, तुम इसे अपने पास
मेरे पास तो धड़कता भी नहीं है
क्या करूं मैं इसका, तुम्हीं बताओ ना
इस उल्लू को तुम्हीं समझाओं ना, तुम्हारे सिवा किसी
और की बातों को समझता भी तो नहीं है।
माना की नादान है,
पर तेरे लिए ही तो परेशान हैं,
तेरा ही तो आशिक है ये,
पर तू इसकी जान तो है ना,
तू इसकी जान तो है ना।

माना देखा नहीं मैं ने कभी तुझे उतनी सिद्दत से,
पर तेरी मुस्कान कितनी खूबसूरत है,
मुझे पता तो है ना।
माना मैं कभी डूबा नहीं
तुम्हारी आंखों की गहराई में
पर उसकी क़ातिलाना अदाओ के बारे में एहसास तो है ना।
अच्छा एक बात बताओ
क्यूं तड़पाती हो इतना मुझे,
अच्छा लगता है?
बताओ ना, क्या तुम्हें अच्छा लगता है?
तुम्हारे लिए ही तो लिखता रहता हूं,
तुमने पढ़ा तो है ना।
जिस तरह मैं सोचता हूं तुम्हें,
तुमने कभी सोचा तो है ना,
सोचा तो है ना।।

तेरा केशव बनना है मुझे,
मेरी राधा बनोगी तुम ना।
एक दिल ही तो है जिसका आधा हूं मैं
बाकी आधा बनोगी तुम ना।
अब बता भी दो
तुम्हें प्यार तो है ना?
तेरा ही तो हूं मैं
ये बात तुम्हें याद तो है ना,
याद तो है ना।।


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imkeshavsawarn |Manish Kumar

© 2018 RhYmOpeDia


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Confusion

My mouth wants to speak,
But no sound escapes.
My body wants to move,
But my brain doesn’t listen.
My heart wants to memorize,
But my senses always denied .
Why even my desire refused by myself?
Why am I so broken?
Why is it so hard?

I can’t let you see how vulnerable I’m,
I can’t give an inch,
Or I feel like I’ll lose it all.
Why do i still bother to try?
When I can’t even lift a finger in your direction.

To hold your hand,
To let you know how much I need you, When all I want is for you to hold me,
But I sit in silence,
Silently Frozen.

I’ve forgotten what it’s like to just be in the moment with you,
You see, my heart’s gone cold to preserve what little is left of me.
So I often wonder.
Why do i still love you?
When you’re nothing left except the garbage,
And why do you still love me?
When I’m nothing but broken pieces of who I used to be?


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मालूम नहीं

यह जो लड़ाई थी,
जिसमें शामिल न तुम थे,
न हम थे,
फिर भी न जाने क्यों ये गरदीस थी?
ये मौसम कि रूहानियत थी,
वो हवा कि सर- सराती हुई बेरूखी थी,
और सांसों की गिनती भी कम थी,
और ऐसे में भी,
तुम्हारा न आना तय था।

मैं आज कि नहीं, उन लम्हों कि बात कर रहा हूं,
जब तुमने, छुआ था मेरे दिल के इस तार को,
और बड़ी मासूमियत से, तोड़ा था उस दिल के हाल को,
सच कहता हूं , वो जो वक्त ठहरा था मेरे आस-पास,
उसकी याद, आज भी आंखें नम कर जाती है,
शायद,
वह समर जो दुनिया वाले भूल चुके हैं,
वो दंगे, वो लड़ाई, आज भी होती है,
मेरे दिल के इस दरवाजे पे।

कितना समझाया इसे, पर यह मानता भी तो नहीं है,
तैयार है ये,
उन धूल खाते दर्द को फिर से तरोताजा करने को,
जो अपनी निशाना छोड़ गई थी बरसों पहले,
मालूम नहीं,
ये उस दर्द को इक बार फिर से झेल पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं,
ये उस जुदाई को फिर से सह पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं,
ये उन आंखों से गिरते हुए आंसू को फिर से रोक पाएगा कि नहीं,
मालूम नही,
ये सांसों की गिरती हुई रफ्तार को फिर से जोड़ पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं………… मालूम नहीं
पर तैयार है यह,
आज एकबार फिर से ऐतवार के लिए।


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imkeshavsawarn |

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तुम हो कौन ?

अगर इश्क़ कोई जुर्म नहीं, फिर ये सजा क्यों।
और है नफरत, तो भारत-पाकिस्तान सा रिश्ता क्यों ।।

अगर दर्द कोई है तेरे दिल में, फिर ये बात क्यों।
और है सुकुन, तो ये अस्पताल क्यों।।

अगर रंज कोई है तेरे सोच में, फिर ये तंज क्यों।
और है गीत , तो ये तीर क्यों।।

अगर हो कोई फूल तुम, फिर इतनी दूर्गन्ध क्यों।
और हो कांटा, तो लैला- मजनू सा इश्क क्यों।।

अगर टूटती – बिखरती सी कोई ख्वाब हो तुम, फिर ये अपनापन वाला राबता क्यों।
और हो हकीकत , तो मैं तनहा क्यों।।

अगर अजनबी सी कोई हो तुम, फिर तुम्हें खोने का डर क्यों।
और हो मेरी, तो ये सौतेलापन क्यों। ।

अगर गुनाह सी कोई हो तुम, फिर तुम्हारे पास होने पे इतना सुकुन क्यों।
और हो इबादत, तो ये घबराहट क्यों।।

अगर परेशानी हो कोई तुम, फिर तुम्हारा इतने बेसब्री से इंतजार क्यों।
और हो मददगार , तो बात- बात पर ये पत्थर क्यों।।

अगर झूठ सी कोई हो तुम , फिर सीने में तुम्हारे होने का एहसास क्यों।
और सच हो, तो तुम हो कौन ?

Continue reading तुम हो कौन ?

क्या मुझसे मिलने आयी हो?

क्या मुझसे मिलने आयी हो? कह दो ना तुम,
एक बार के लिए ही सही,
बस कह दो कि तुम मुझसे मिलने आयी हो,
सच कहता हूं,
कोई और कारण रोक नहीं पाएगा मुझे,
तुमसे मिलने से,
बस तुम एक बार कह दो कि तुम मुझसे मिलने आयी हो।

सच कहता हूं,
अब मुझे फर्क नहीं पड़ता है कि तुम अकेले आयी हो,
या फिर किसी के साथ आयी हो,
बस कह दो कि मुझसे मिलने आयी हो।

शायद तुम्हें याद नहीं, पर उस दिन कि बातें जो अधूरी रह गई थी हमारे बीच वो अब भी बाकी है,
वो तुम्हारी रखी आधी चाय, उस दिन जो फ़ोन के चक्कर में तुमने छोड़ दी थी वो अब भी बाकी है,
वो तुम्हारा लुडो खेलना मेरे साथ और जीत जाने पर बरी मासुमियत से चिढ़ाना मुझे अब भी बाकी है,
वो मेरे साथ लड़ाई, वो खट्टी-मीठी नोक-झोंक ही सही पर वो सब अब भी बाकी है,
शायद तुम्हें याद नहीं पर वह तुम्हारी टूटी चप्पल सिलने के बाद अभी भी तुम्हारी राह देख रही है,
वो मेरी डायरी पे तुमने जो अधूरी चित्रकारी की थी वो भी पूरा होने के लिए तुम्हारे हाथों से बैचैन हो रही है,
वो उस दिन तुम्हारे साथ जब घूम रहा था तब तुम्हारा हाथ अपने हाथों में डालकर घूमना बाकी रह गया था वो अब भी बाकी है,
तुम्हे याद है कि नहीं पर तुम्हारे साथ मेरी कुछ बातें , कुछ सपने अधूरे रह गए वो अब भी बाकी है।

आज आई हो तो बस कह दो कि तुम वो बातें पूरी करने आयी हो जो कभी हमारे दरम्यान अधूरी रह गई थी,
या फिर वो अधूरी चाय के साथ बची सिसकियां पूरी करने आयी हो जो तुमने कभी अधूरा छोड़ा था,
बस एक बार कह दो कि तुम वो अधूरा लूडो का खेल जो पहले कभी हमने साथ खेला था उसे खत्म करने आयी हो,
या वो डायरी पे बनी अधूरी चित्रकारी जो तुम्हारा राह देख रही है उसे पूरा करने आयी हो,
नहीं तो मेरे साथ हाथों में हाथ डालकर एक हो के घूमने आई हो,
बस एक बार कह दो कि तुम मुझसे मिलने आयी हो,
झूठ ही सही बस एक बार कह दो कि तुम मुझसे मिलने आयी हो।


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imkeshavsawarn | medhachugh |
heena chugh (CHEERFUL SPARKLE) |

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ऐहसास

मैं लिखता हूँ,
कागज और कलम से प्यार करता हूँ,
भूख – प्यास के साथ तकरार करता हूँ,
हर पल तेरी मौजूदगी का एहसास करता हूँ,
बेरूखी हवाओं में भी तेरी रूह से ऐतवार करता हूँ,
बेमौसम की तनहाई में खुद से बात करता हूँ,
रात – दिन तेरी यादों के साथ फरियाद करता हूँ,
कयामत से पहले तेरे आने का बेसब्री से इंतजार करता हूँ,
इसलिए मुझे अकेला और निकमा मत समझना,
क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूँ।

लिखती हूँ मैं,
तेरे इजहार का इंतजार करती हूँ,
क्यूं जाने तुझमें हर रोज अपनी तलाश करती हूँ,
मिलने का तुमसे दिन – रात आस रखती हूँ,
तस्वीर तेरी अपने पास रखती हूँ,
एक मुस्कान के लिए तेरी में इतनी बार हार सकती हूँ,
तेरी हर बुरी आदत से लगाव रखती हूँ,
इसलिए मुझे अकेली और निक्कमी मत समझना,
क्योंकि मैं तुमसे प्यार करती हूँ।


This is my first post in collaboration with medhachugh. You can access her amazing writing here at medhachugh.


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imkeshavsawarn |
heena chugh (CHEERFUL SPARKLE) |

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Bcz You’re Beautiful

The stars watch you when you sleep,
The ocean swims with you,
The birds sing for you,
The winds hover over you,
Nature has something to say to you, Because you’re beautiful.

The Sun rises to wake you up,
The days have something to teach you,
The time is keeping a diary for you,
Nature has a plan for you,
And that’s because you’re beautiful.

You’re beautiful as you are,
You’re created with my imagination and love.

You don’t come to this world from somewhere,
How waves come out of the water,
And how seeds sprout out of the soil,
You come out of the Earth,
And that’s because you’re beaut….


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heena chugh (CHEERFUL SPARKLE)

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लेकिन अब भी बाकी है

लिखा है अकेले अबतक , अब तुम्हारे साथ लिखना बाकी है।
लिखे है मैंने पन्ने कई, लेकिन तुम्हारे बारे में लिखना बाकी है।
लिखा है तुम्हारी आँखों के बारे में, लेकिन उसकी नशीली अदाओं के बारे में लिखना बाकी है।
लिखा है तुम्हारे होंठो के बारे में, लेकिन उसकी मदहोशी के बारे में लिखना बाकी है।
लिखा करता हूं तुम्हारी बातो के बारे में, लेकिन तुम्हारे बारे में तो लिखना बाकी है।
लिखे है तुम्हारी खुबसूरती पर, लेकिन उसे खुबसूरती के साथ लिखना बाकी है।
लिखे होंगे तुम पर किस्से कई, लेकिन तुम्हारे बारे मे किस्से लिखना अब भी बाकी है।
तुम्हारे लिए कई मन्नतें मांगी, लेकिन तुम्हें किसी मन्नत मे मांगना अब भी बाकी हैं।
किताबें कई सारी पढी है मेने, लेकिन तुम्हारे चेहरे को पढ़ना अब भी बाकी है।
तुम्हारे लिए बहुत कविताऐं लिखी, लेकिन तुम पर कविता लिखना अब भी बाकी है।।


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imkeshavsawarn |
heena chugh ( CHEERFUL SPARKLE)

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There is always a ‘but’

I type, type and keep on typing. Without wasting a second even for comma while typing.
I write all I want to tell you.
I write all I want you to know.
My fingers and feelings synchronised.
Full stop.

I am ready to click ‘send’.
But, I stop.
I erase all the words.
I won’t be able to do it.
A wave of feelings rise in my heart.
It is a strange fresh feeling.
Something I have never felt before.
Something I never felt for anyone but this for you.
I don’t understand.

Why?
Why it’s with me?
Why I feel this way?
Why this for you?
And lots of why with bla…bla…bla?

Whenever I hear anyone talking of you,
Telling how close you are with them,
I feel jealous.
I burn in the fire of jealousy.
I am affected by you, the way I am affected by no one else.

I want to show my pride,
I want to proof that I too have an ego.
I want to see, how long will you take to call me back.
To text me, to converse with me.

But I can’t bear it.
The pull of my patience breaks
And I submit myself.

I don’t want to feel this way.
I don’t want to feel rejected when you ignore me.
I don’t give a blame to anyone.
But it hurts when you don’t give even a look to me.
I don’t want to, but…
There is always a ‘but’.


You can share your “but” story with us, for that you are most welcome.


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imkeshavsawarn |
heena chugh ( CHEERFUL SPARKLE)

© 2018 RhYmOpeDia


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