चलो तो सही

“चलो तो सही” – RhYmOpeDia

चलो तुम्हारी आँखों में अपना शहर बसाते हैं,
चलो तुम्हारी हसीं से अपना जहाँ रोशन करते हैं,
चलो तुम्हारी आवाज़ को अपना संगीत बनाते हैं,
चलो तुम्हारी चाल को अपनी चाल बनाते हैं,
चलो तुम्हारे हाथों को थाम कर दूर तक का सफर करते हैं,
चलो तुम्हारे बातों के साथ सुबह-शाम करते हैं,
चलो तुम्हारे खामोशियों से बात करते हैं,
चलो तुम्हारे मासूमियत से इश्क फरमाते हैं,
चलो तुम्हारे खुशबू को इत्र बना इस्तेमाल करते हैं
चलो तुम्हारे झलक के साथ रोज़ा खत्म करते हैं,
चलो तुम्हारे साथ होली-‌ दीवाली मनाते हैं,
चलो तुम्हें अपनी ज़िन्दगी बनाते हैं,
चलो तो सही तुम्हारे साथ जिंदगी बिताते हैं।

तुम दूर तक साथ तो चलोगी ना?
मुझे गिरते हुए सम्हाल तो लोगी ना?
मेरा साथ तो दोगी ना?
मेरे गलतियों को थोड़ा माफ़ तो कर दोगी ना?
तुम खुद से रूबरू होने दोगी ना?
मुझे अपना जिंदगी तो बनाओगी ना?
तो फिर चलो हम साथ जिंदगी बिताते है।


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Will You Take A Chance?

“Will You Take A Chance?” – RhYmOpeDia

Hey,
If you feel to cry, I will not let you try.
Hey,
If you think you are sad, I’ll be shoulder to your head.
Hey,
If you feel any alone, just give me a phone.
Hey,
If you feel so proud, I’ll be your crowd.
Hey,
If you feel us some apart, look inside your heart.
Hey,
If you have some pain, we’ll bring it to the chain.
Hey,
If anything goes bad, I’ll not let you get sad.
Hey,
If you go through mood swings, I’ll bear your mood.
Hey,
If you feel not well, I’ll hold your hand.
Hey,
If you need someone, I’ll first with you.

Hey,
Will you take a chance to give me a chance to be your partner?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to hold you hand ?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to bear your mood?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to make you happy?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to release your pain?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to be in the core of your heart?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to be your crown?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to be your partner on your phone?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to make available my shoulder to you in need?
Hey,
Will you take a chance to give me a chance to not let you cry?
Hey,
Will you take a chance to be my boost for life?


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तुम पुछते हो

“तुम पुछते हो” – RhYmOpeDia

तुम पुछते हो, मुझे उसमें क्या पसंद है?
उसकी बातें पसंद हैं
उसकी शरारतें पसंद हैं
उसकी हल्की भूरी आँखें
उसके होंठों के निचे तिल
और उसकी मुस्कान पसंद है।
उसकी दोस्ती पसंद है
उसकी आवाज पसंद है
उसकी रंगीन शख़्सियत
उसकी हर एक छोटी से छोटी अदाएं
उसका कातिलाना अंदाज पसंद है।
और तुम पुछते हो, मुझे उसमें क्या पसंद है।

तुम पुछते हो, मुझे उससे क्यों प्यार है?
तो मेरी मोहब्बत का राज़ तुम
उन हवाओं से पूछो जो आज उसे छूने के बाद बावरी हो गई,
उन वादियों की खुबसूरती से पूछो जो उसके सामने पल भर टीक न पाई,
उन बारिश के बूंदों से पूछो जो उससे रूबरू होने इतनी दूरी तय कर धरती पर आई,
उन फूलों से पूछो जो उससे मिलने से पहले अपने खुशबू पर इतराया करती थी,
उन पक्षियों से पूछो जो कभी अपने मधुर आवाज को लेकर जानी जाती थी,
और तुम पुछते हो, मुझे उससे प्यार क्यों है।

तुम पुछते हो, मुझे वो इतनी खास क्यों है?
तो क्या कभी आसमान से पूछा है कि वह नीला क्यों है?
क्या कभी सुरज से पूछा है कि वह इतना ज्वलनशील क्यों है?
क्या कभी चांद से पूछा है कि वह खुबसूरत क्यों है?
क्या कभी धरती से पूछा है कि वह गोल क्यों है?
क्या कभी खुशबू से पूछा है कि वह खुशनुमा क्यों है?
क्या कभी दिन से पूछा है कि वह रात के बाद क्यों है?
क्या कभी कश्मीर से पूछा है कि वह स्वर्ग क्यों है?
और तुम पुछते हो, मुझे वो इतनी खास क्यों है।

तुम पुछते हो, मुझे वह कैसी पसंद है?
हंसते- खिलखिलाते पसंद है
मंद-मंद मुस्कुराते पसंद है
कभी-कभार गुस्साते पसंद है
जल्दी-जल्दी बोलते पसंद है
आदाब में हिचक पसंद है
चेहरे पर हया पसंद है
नखरो के संग अभियान करते पसंद है
आंखों से बात जाहिर करते पसंद है
वह जैसी है वैसी ही पसंद है
वह मुझको काले कमीज़ में बेहद पसंद है
और तुम पुछते हो, मुझे वह कैसी पसंद है।


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याद तो है ना

प्यार से थोड़ा कम ही सही,
पर प्यार तो है ना।
दोस्त से थोड़ा ज्यादा मानता हूं तुम्हें,
कुछ बात तो है ना।
तुझे, कुछ पता नहीं,
पर तेरी हर बात मुझे याद तो है ना।
मैं सुखा हुआ जमीन की तरह हूं, मानता हूं
तु उसको भींगोने वाली बरसात तो है ना,
तु उसको भींगोने वाली बरसात तो है ना।।

अब तो ये दिल किसी का होता भी तो नहीं है,
किसी और के ख्वाब में सोता भी तो नहीं है,
तेरी ही बातों में उलझा-सा रहता है,
मेरी तो अब सुनता भी नहीं है,
रख लो ना, तुम इसे अपने पास
मेरे पास तो धड़कता भी नहीं है
क्या करूं मैं इसका, तुम्हीं बताओ ना
इस उल्लू को तुम्हीं समझाओं ना, तुम्हारे सिवा किसी
और की बातों को समझता भी तो नहीं है।
माना की नादान है,
पर तेरे लिए ही तो परेशान हैं,
तेरा ही तो आशिक है ये,
पर तू इसकी जान तो है ना,
तू इसकी जान तो है ना।

माना देखा नहीं मैं ने कभी तुझे उतनी सिद्दत से,
पर तेरी मुस्कान कितनी खूबसूरत है,
मुझे पता तो है ना।
माना मैं कभी डूबा नहीं
तुम्हारी आंखों की गहराई में
पर उसकी क़ातिलाना अदाओ के बारे में एहसास तो है ना।
अच्छा एक बात बताओ
क्यूं तड़पाती हो इतना मुझे,
अच्छा लगता है?
बताओ ना, क्या तुम्हें अच्छा लगता है?
तुम्हारे लिए ही तो लिखता रहता हूं,
तुमने पढ़ा तो है ना।
जिस तरह मैं सोचता हूं तुम्हें,
तुमने कभी सोचा तो है ना,
सोचा तो है ना।।

तेरा केशव बनना है मुझे,
मेरी राधा बनोगी तुम ना।
एक दिल ही तो है जिसका आधा हूं मैं
बाकी आधा बनोगी तुम ना।
अब बता भी दो
तुम्हें प्यार तो है ना?
तेरा ही तो हूं मैं
ये बात तुम्हें याद तो है ना,
याद तो है ना।।


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imkeshavsawarn |Manish Kumar

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मालूम नहीं

यह जो लड़ाई थी,
जिसमें शामिल न तुम थे,
न हम थे,
फिर भी न जाने क्यों ये गरदीस थी?
ये मौसम कि रूहानियत थी,
वो हवा कि सर- सराती हुई बेरूखी थी,
और सांसों की गिनती भी कम थी,
और ऐसे में भी,
तुम्हारा न आना तय था।

मैं आज कि नहीं, उन लम्हों कि बात कर रहा हूं,
जब तुमने, छुआ था मेरे दिल के इस तार को,
और बड़ी मासूमियत से, तोड़ा था उस दिल के हाल को,
सच कहता हूं , वो जो वक्त ठहरा था मेरे आस-पास,
उसकी याद, आज भी आंखें नम कर जाती है,
शायद,
वह समर जो दुनिया वाले भूल चुके हैं,
वो दंगे, वो लड़ाई, आज भी होती है,
मेरे दिल के इस दरवाजे पे।

कितना समझाया इसे, पर यह मानता भी तो नहीं है,
तैयार है ये,
उन धूल खाते दर्द को फिर से तरोताजा करने को,
जो अपनी निशाना छोड़ गई थी बरसों पहले,
मालूम नहीं,
ये उस दर्द को इक बार फिर से झेल पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं,
ये उस जुदाई को फिर से सह पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं,
ये उन आंखों से गिरते हुए आंसू को फिर से रोक पाएगा कि नहीं,
मालूम नही,
ये सांसों की गिरती हुई रफ्तार को फिर से जोड़ पाएगा कि नहीं,
मालूम नहीं………… मालूम नहीं
पर तैयार है यह,
आज एकबार फिर से ऐतवार के लिए।


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एकतर्फा प्यार

एकतर्फा प्यार…
अगर सच कहाँ जाये तो उस मुकम्मल प्यार से खूबसूरत और बेहतर होता है यह एकतर्फा प्यार!
एक साफदिल भाव,
वो मुझे चाहे ना चाहे, मै उसे चाहना कभी नही छोडुंगा, ना उससे कभी किसी अपनेपन कि आशा रखुंगा,
बस उसकी खुशी मे ही मेरी खुशी!

दो तर्फे प्यार मे अक्सर हम स्वार्थी बन जाते है,
आशाये रखना शुरु कर देते है और फिर होता है अपेक्षाभंग, दिल टुटना, दर्द, और बहुत सारा मेलोड्रामा!

दुसरी ओर एकतर्फा प्यार बहुत ही पाक, सच्ची, निस्वार्थ भावना है,
पर पता नही फिर भी क्यूं लोग एकतर्फा प्यार से इतना नफरत करते है?

एकतर्फा प्यार…

हमारे इस प्यार को किसी के स्विकृती कि जरुरत नही होती है,
किसी से प्यार करने के लिये किसी के इजाजत कि भी जरुरत नही होती है,
हमारी वजह से उस दिल रूवा के चेहरे पर हसी भी आजाये, तो खुश होते हैं हम!
कभी किसी मुसीबत के वक्त अगर हम उसके काम आ जाए, तो खुश होते हैं हम!
इस प्यार मे भले ही तन्हा होते हैं हम, भले ही वह बदले में नही चाहती हो हमे,
पर उसके सिर्फ आसपास होने से खुश होते हैं हम!
हा! खुश होते हैं हम,
क्यूंकि किसी ओर को हक नही है अब हमारा दिल तोडने का!!!
हा! खुश होते हैं हम,
क्युंकि किसी को हक नही है हमें उसे चाहने से रोकने का…! ❤


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