Confusion

My mouth wants to speak,
But no sound escapes.
My body wants to move,
But my brain doesn’t listen.
My heart wants to memorize,
But my senses always denied .
Why even my desire refused by myself?
Why am I so broken?
Why is it so hard?

I can’t let you see how vulnerable I’m,
I can’t give an inch,
Or I feel like I’ll lose it all.
Why do i still bother to try?
When I can’t even lift a finger in your direction.

To hold your hand,
To let you know how much I need you, When all I want is for you to hold me,
But I sit in silence,
Silently Frozen.

I’ve forgotten what it’s like to just be in the moment with you,
You see, my heart’s gone cold to preserve what little is left of me.
So I often wonder.
Why do i still love you?
When you’re nothing left except the garbage,
And why do you still love me?
When I’m nothing but broken pieces of who I used to be?


If you have the answer, you’re most welcome in the comment box.


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This content , ‘ Confusion ‘ is under copyright of RhYmOpeDia.

imkeshavsawarn |

© 2018 RhYmOpeDia


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सर्कस निर्णय का

जीवन की डोर दूसरो को थामने का अवसर न दें।
अपने जीवन को अपने तरीके से अौर अपने लिए जिये ना कि दूसरो के लिए।

सर्कस और नेशनल पार्क में क्‍या अंतर है! जो दोनों जगह गए हैं, वही असली बात बयां कर सकते हैं। जो नहीं गए, वह दूसरों के अनुभव के आधार पर कहानी कह सकते हैं, लेकिन वन्‍यप्राणियों की मानसिकता, आजादी, व्‍यवहार के बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है।

सर्कस में जानवर प्रशिक्षित हैं। उन्‍हें काम के बदले भोजन मिलता है। इस तरह उनका ‘करियर’ सुरक्षित है।

वहा उन्हें शिकारी से भय नहीं, खतरनाक मनुष्‍यों और जानवरों का डर नहीं। दूसरीे अौर नेशनल पार्क के वन्‍यप्राणी हैं। खतरा, चुनौती हर कदम पर। भोजन के लिए खुद ही जतन करने हैं। इसके बाद भी क्‍या कोई वन्‍यप्राणी इच्‍छा से सर्कस चुनेगा? विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इस बारे में शायद ही असहमति हो कि जीवन का सुख कहां अधिक सुरक्षित है।

जाने-अनजाने हम नेशनल पार्क की आजादी की जगह ‘सर्कस’ वाला जीवन जी रहे हैं। दूसरों के वादे, रहम पर जिंदगी में शांति, सुकून तलाश रहे हैं।

मेरे दोस्त पतंग का मालिक डोर खरीदने वाला नहीं, उड़ाने वाला होता है। इसलिए अपने जीवन की डोर दूसरे को थामने का अवसर न दें। अपनी सोच-समझ से खुद फैसले लीजिए। वह गलत हो सकते हैं, तो होने दीजिए, क्‍योंकि अंत उन्‍हें अपना कहने का सुख तो होगा!

निर्णय लेने की क्षमता दूसरे के पास गिरवी मत रखिए। जीवन की सबसे खूबसूरत चीज का मोल जब तक आप नहीं समझेंगे, हीरे भी चांदी के भाव दूसरों को थमाते रहेगे।

सोचन-समझने की शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता प्रकृति का मनुष्‍य को सबसे बड़ा वरदान है। लेकिन यांत्रिक, संवेदनशून्‍य शिक्षा और यथास्थितिवादी समझ ने हमें वैज्ञानिक नजरिए से वंचित कर दिया है।

निर्णय लेने का अधिकार मनुष्‍य होने का सबसे खूबसूरत अहसास है। हम क्‍या हो सकते हैं, इसकी पहली सीढ़ी तो हमारा निर्णय है। लेकिन अक्‍सर हम खास अवसर पर निर्णय लेने से हिचकते ही नहीं, बल्कि भागते रहते हैं।

मिसाल के लिए भारत में बच्‍चे क्‍या पढ़ें, कहां पढ़ें जैसे निर्णय खुद नहीं लेते। शादी, बच्‍चे की परवरिश और करियर जैसे निर्णय के लिए हम दूसरों को फॉलो करते हैं। जिंदगी के सबसे अहम पड़ाव के लिए हमेशा दूसरों की ओर देखते रहते हैं । यह तीन चीजें हमारी सोच, समझ और निर्णय लेने की क्षमता का सबसे सरल, सामान्‍य उदाहरण है।

हममें से कितने लोग हैं, जो इन तीनों के दौरान वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हैं! भारत में शादियों के दौरान वर पक्ष का व्‍यवहार अभी भी शालीन, सभ्‍य कहे जाना तो दूर, सामान्‍य के निकट भी नहीं है। क्‍योंकि हमने लड़़के और लड़‍की के बीच अंतर को मन से दूर नहीं किया है। ऐसा भी नहीं कि हम इस दिशा में आगे नहीं बढ़े, लेकिन हमें अभी बहुत दूर जाना है। परिवार में लड़कियों की शिक्षा में तो बाधाएं अब कम आ रही हैं, लेकिन शिक्षा के बाद उनके करियर और शादी के सवाल पर हमारा रवैया ‘सर्कस’ वाला ही है।

हम लड़कियों पर अब भी शासन करने वाले समाज के रूप में ही पहचाने जा रहे हैं। बच्‍चों, महिलाओं के साथ होने वाले व्‍यवहार पर हमारी प्रतिक्रि‍या इसका सबसे प्रबल प्रमाण है।

बच्‍चे क्‍या पढ़ें, कौन सा रास्‍ता चुनें, यह हमारे समाज का सर्कस से प्रेम दिखाने वाला दूसरा काम है। हम बच्‍चों को पालते तो नेशनल पार्क वाली फीलिंग से हैं, लेकिन हमारा आचरण हमेशा सर्कस वाला होता है। हम बच्‍चों पर इस हद तक नियंत्रण चाहते हैं कि यह कामना हमें मनोरोगी बनने की ओर धकेल रही है।

हम चाहते क्या हैं यह हमें भी ठीक से नहीं पता होता है। बच्‍चों में अपनी कामयाबी की खोज, अपनी हसरत पूरी करने की चाह हमें ऐसी ही सनक की ओर ले जाती है। हम निरंतर ऐसा किए जा रहे हैं, क्‍योंकि हमें ऐसा ही करने की ट्रेनिंग मिली है। ऐसा ही करने के लिए हम प्रशिक्षित किए गए हैं।

आखिर में करियर, नौकरी। यहां भी हमारा व्‍यवहार अपने निर्णय खुद करने की जगह दूसरों के हिसाब से चलने वाला है। हम जब तक बादल देखकर मौसम की चाल समझने की कोशिश नहीं करेंगे, रेनकोट बनाने वाली कंपनियां हमें गर्मियों में भी रेनकोट बेचती रहेगी।

मेरे कहने का तात्पर्य यह नहीं है की जो हमारे फैसले लेते है वो हमारे बारे में गलत सोचते हैं, हमारा अहित चाहते हैं। हमें उनकी बातों को बरे ध्यान से सुनना और समछना चाहिए। अौर हमें उसे सलाह के तौर पर लेना चाहिए ना कि आज्ञा के तौर पर।

करियर के मामले में भी सजग और भविष्‍यवादी दृष्टि का विकास होना जरूरी है। सबका सम्‍मान करिए, सबके साथ रहिए, लेकिन हमेशा निर्णय अपना करिए।
अब अपना निर्णय करने का वास्तविक अर्थ यह नही है की आप दूसरों पे विश्वास करना छोर दे, क्योंकि कुछ लोग होते हैं आप के जीवन में जो आप का भला सोचते है परन्तु किसी भी प्रकार से इसका यह मतलब नहीं कि आप अपनी राय, पसंद, समझ का उपयोग करना ही छोड़ दे। क्‍योंकि जीवन एक और सपने अनंत हैं। ‘सर्कस’ में शेर भी रिंग मास्‍टर के हंटर की फटकार पर नाचते हैं। इसलिए, समझिए क‍ि जिंदगी ‘सर्कस’ नहीं है और आप मनुष्‍य हैं ना कि कोई वणप्राणी…


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imkeshavsawarn |
heena chugh ( CHEERFUL SPARKLE)

© 2018 RhYmOpeDia


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ThErAuPtIc…LoVe-VIII


But regardless of how quickly you left,

 or how much time we spent together,

 or whether your leaving was bad enough to be considered ‘heartbreak,’

 I’m glad you taught me what love isn’t. 

Because it helped me finding the love ,

which I expecting from you. 

Even though it hurt, but your leaving must

 led me again to the deadliest person .

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&_Keshav Sawarn | 

© 2017 LoOsEaCtIoN

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ThErAuPtIc…LoVe-VII

And the question I ask myself a lot is,
if I barely even knew you,
why did it hurt so badly when you left?
That’s why I don’t like remembering you, because every time I think of you,
Unwillingly my mind think of how you hurt me,

Can you change this??

What…….if yess,

Then please my dear provide me the treatment……

Image Sorce – Internet

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&_Keshav Sawarn |

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ThErAuPtIc…LoVe-VI

I barely even knew you so when I remember you,
I shouldn’t be so sour.
I’m not one to harbor always positive feelings, but I think if there’s any positivity within me most of it is harbored with you.
And that’s the thing,
I even i don’t know  ,
because you came into my life with cyclon,
but the way you left still hurt.

Image Sorce – Internet

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&_Keshav Sawarn | 

© 2017 LoOsEaCtIoN

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ThErAuPtIc…LoVe-IV

I barely even knew you,
so why is every memory of you and I together stained with regret?
Why can’t I just completely forget you?
How the hell do you find your way back in?
I wish I were more like those little ant traps you stick around the house.
The ants flock in only to find that what they’re attracted to is poison,
and then they take that poison back to where they came from,
their colony, and they never come back again. That’s really morbid,
but I really do wish I could just forget you ever happened.

This poem, ‘ThErAuPtIc…LoVe-IV’ is under copyright of LoOsEaCtIoN.

&_Keshav Sawarn | 

© 2017 LoOsEaCtIoN

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My Argument

I don’t need a reason to love you,
I don’t need to answer questions of others
Concerning you.

My heart knows you and that is enough to close
all the shaken believers,
Who have lost their faith in love.
You were born in me but don’t know is same born in you,
We feed of the same need for love and fire of the mind and soul.

I know you by your breath,
By the sound of your steps even in the vaccum when one can’t hear anything but screams,
By your shadow in the burny sunlight of the day when others fear of the hot wind.

You are of like myself and that is why I loves you
From all the power I have in my body,
From the fear of losing you,
And won’t have even courage to thaught about hating you.

This poem, ‘My Arguement’ is under copyright of LoOsEaCtIoN.

image source : Internet

&_Keshav Sawarn |
© 2017 LoOsEaCtIoN

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Unhidden Secrets

Before I met u,
I felt that I couldn’t love anyone,
That nobody would be able to fill the void in my heart,
But that all changed when I met u…

 Then I came to realize you were always on my mind from first look.

You’re funny and sweet,
You make me laugh and smile alone unwillingly,

You take away all my anger and sadness,
You changed me in all aspects,
You are the most beautiful girl
I have ever seen,

More beautiful than any flower that I have ever seen,
You are most precious even more than the miles of gold,

You made me weak when I talked to you or about u,
Then I started to write poems about u,
Now, I have come to realize that,
I am Hopelessly in love with u.

&_Keshav Sawarn
© 2017 LoSeAcTiOn
All rights reserved. 

Gloom AND Doom

If I thought for just one moment that this would be my last breath,
I’d tell you I’ll love you forever, even beyond death.

 
If I thought for just one moment that your face would be the last I’d see,
I’d take a million pictures and save them just for me.

If I thought for just one moment that your voice would be the last I’d hear,
I’d listen attentively and promise not to shed a tear.

If I thought for just one moment that your touch would be the last I’d feel,
I’d embrace you and know that this has all been real.

If I thought for just one moment that my heart would beat its last beat,
I’d thank the Lord for allowing me to meet you.

&_Keshav Sawarn |© 2017 LoSeAcTiOn 

All rights reserved. 

दलील

युद्ध स्तर पर हमने तुम से बात की थी,

पर तुम तोे नेताओं की तरह मुकर गये। 

हम ने तुमसे एक snifter की गिलास क्या मांगा?
तुमने हमे नसेरी बना दिया।

हम उस काले घने आशमा की तरह थे,
पर तुम तो हवा बनके उस पे भी अपना अधिकार कर बैठी। 

आरजू तो बस इतनी सी थी हम भी पंछी बन इस क़ुतुब की लम्बाई नापे,
पर तुमने हमे लोहे की जंजीर से ही बोझील कर दिया। 

अब तो सपना देखेने में भी डर लगता है,
कही हकीकत से रूबरू न हो जाउ।

 

&_Keshav Sawarn | © 2017 LoSeAcTiOn

All rights reserved.